श्रीनगर (पौड़ी)।चारधाम यात्रा के मद्देनजर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में है। विभाग ने श्रीनगर क्षेत्र में एक विशेष सर्विलांस अभियान चलाकर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए मौके पर ही खाद्य पदार्थों की शुद्धता और मिलावट की जांच की गई।176 नमूनों की जांच, 6 में मिलीं कमियांअभियान के तहत विभाग की टीम ने दूध, दुग्ध उत्पाद (मावा, पनीर), खाद्य तेल, मसाले और मिठाइयों सहित कुल 176 नमूने एकत्र किए।अब तक हुई जांच में 6 नमूनों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाई गई हैं।बाकी बचे हुए सैंपलों की जांच प्रक्रिया अभी जारी है।जिन विक्रेताओं के सैंपल फेल या कमतर पाए गए हैं, उन्हें विभाग ने सख्त हिदायत देते हुए तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं।मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा: सहायक आयुक्तसहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पी.सी. जोशी ने बताया कि मोबाइल वैन लैब मिलावटखोरी पर लगाम लगाने में बेहद मददगार साबित हो रही है।”मोबाइल लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट की त्वरित (इंस्टेंट) पहचान हो जाती है। अगर किसी प्रोडक्ट में कमी मिलती है, तो विक्रेता को तुरंत सूचित किया जाता है ताकि वह खराब सामग्री उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले ही उसे हटा ले या सुधार कर सके।”— पी.सी. जोशी, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षाउन्होंने आगे कहा कि इस अभियान से उन खाद्य पदार्थों को चिन्हित करने में आसानी हो रही है, जिनमें मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। इससे भविष्य में ऐसे उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण और कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।आम जनता के लिए मुफ्त जांच की सुविधाविभाग इस मोबाइल लैब के जरिए केवल छापेमारी ही नहीं कर रहा, बल्कि आम जनता को जागरूक भी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी आम उपभोक्ता अपने घर में इस्तेमाल होने वाले दैनिक राशन, दूध या मसालों की शुद्धता की जांच इस मोबाइल लैब में बिल्कुल निःशुल्क (Free) करवा सकता है।अभियान में शामिल रही यह टीमइस बड़े सर्विलांस अभियान को सफल बनाने में उपायुक्त (प्रयोगशाला) वीरेंद्र बिष्ट, सहायक आयुक्त पी.सी. जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल और लैब एनालिस्ट अनुराग शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने भी विभाग का सहयोग किया।