उत्तरकाशी / पुरोला
उत्तराखंड के जंगलों में भड़की आग (दावानल) को बुझाते हुए एक और जांबाज वन कर्मी ने अपनी जान गंवा दी। टौंस वन प्रभाग के ठड़ूग बीट में तैनात फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत की जंगल की आग बुझाते समय पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना से वन विभाग और उनके पैतृक गांव मंजियाली में शोक की लहर दौड़ गई है।
कर्तव्य निभाते समय हुआ हादसा
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) डीपी बलूनी से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को ठड़ूग बीट के जंगलों में भीषण आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मोर्चे पर डट गए।
काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद वन विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया। आग बुझने के बाद टीम के अन्य कर्मचारी अपने-अपने घरों के लिए लौट गए, लेकिन सोहन सिंह वापस नहीं पहुंचे।
रातभर तलाश के बाद सुबह मिला शव
जब देर रात तक सोहन सिंह अपने घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिजनों और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से जंगल में उनकी खोजबीन शुरू की।
डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया:
“गुरुवार सुबह गहन खोजबीन के दौरान सोहन सिंह रावत का शव जंगल क्षेत्र से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच और परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि आग बुझाने के दौरान पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से वह गहरी पहाड़ी से नीचे गिर गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।”
गांव और विभाग में शोक
फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत की मौत की खबर फैलते ही उनके पैतृक गांव मंजियाली सहित पूरे इलाके में मातम छा गया है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोहन सिंह की कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पुलिस और वन विभाग की टीम मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुट गई है।
उत्तराखंड के जंगलों में गर्मियों के मौसम में लगने वाली आग वन कर्मियों के लिए लगातार जानलेवा साबित हो रही है, और इस घटना ने एक बार फिर फील्ड स्टाफ की सुरक्षा और विषम परिस्थितियों को सामने ला दिया है।