देहरादून/नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के विकास रथ को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण तोहफा दिया है। देश के आम बजट में उत्तराखंड के लिए विशेष रूप से हेल्थकेयर, वेलनेस (Wellness) और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी गई है। केंद्र के इस बड़े कदम से न सिर्फ राज्य की आर्थिकी मजबूत होगी, बल्कि सीमांत और पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।देश के 5 नए ‘मेडिकल टूरिज्म हब’ में शामिल हो सकता है उत्तराखंडकेंद्र सरकार ने देश भर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 5 नए रीजनल मेडिकल टूरिज्म हब (Medical Tourism Hubs) स्थापित करने की घोषणा की है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शुद्ध आबोहवा और योग-आयुर्वेद के वैश्विक केंद्र होने के चलते उत्तराखंड इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। यदि राज्य सरकार इस योजना को सही समय पर जमीन पर उतारती है, तो उत्तराखंड देश और दुनिया के मरीजों के लिए इलाज और वेलनेस का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन जाएगा।इको-फ्रेंडली ट्रेकिंग ट्रेल्स से चमकेगा सीमांत पर्यटनपहाड़ी और सीमांत क्षेत्रों (Border Areas) से पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड सहित हिमालयी राज्यों में पर्यावरण के अनुकूल (Ecologically Sustainable) ट्रेकिंग और माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने का एलान किया है। इस फैसले से राज्य के दूरदराज के गांवों में होमस्टे, लोकल गाइड्स और एडवेंचर टूरिज्म को भारी बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार जताया है। सीएम धामी ने कहा:”यह कदम राज्य में सस्टेनेबल टूरिज्म (पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन) को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे हमारे सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को अपने ही घर में रोजगार मिलेगा और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी भी सुरक्षित रहेगी।”ग्लोबल मार्केट में छाएगा उत्तराखंड का आयुर्वेदबजट में पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, विशेषकर योग और आयुर्वेद के निर्यात (Export) को आक्रामक तरीके से बढ़ाने पर जोर दिया गया है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड के पास औषधीय पौधों और उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेद प्रोडक्ट्स का विशाल भंडार है। केंद्र की नई नीतियों की मदद से उत्तराखंड आयुर्वेद के निर्यात का एक ग्लोबल सेंटर बन सकता है, जिससे सीधे तौर पर स्थानीय किसानों और जड़ी-बूटी उत्पादकों की आय दोगुनी होगी।इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन को भी मिला बूस्टकेंद्र सरकार द्वारा दिए गए इस तोहफे के साथ-साथ राज्य सरकार के रिकॉर्ड ₹1.11 लाख करोड़ के बजट को भी भारी मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत देश के आपदा जोखिम प्रबंधन फंड (Disaster Risk Management Fund) में 28% की बढ़ोतरी की गई है, जिसका एक बड़ा हिस्सा उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए मिलेगा।
केंद्र सरकार का यह फैसला उत्तराखंड को केवल एक धार्मिक तीर्थ स्थल (Pilgrimage Site) से आगे बढ़ाकर एक ग्लोबल वेलनेस, मेडिकल और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा। अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है कि वह कितनी जल्दी इन योजनाओं की डीपीआर (DPR) तैयार कर केंद्र से बजट जारी करवाती है।उत्तराखंड और केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और सटीक खबर के लिए बने रहिए uk report 24Live के साथ।