उत्तराखंड पुलिस कर्मियों के हक में ‘अधिकार सत्याग्रह’ के तहत सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने खोला मोर्चा; देहरादून में भारी तनाव का माहौल।
देहरादून।
उत्तराखंड पुलिस के जवानों को 4600 रुपये ग्रेड पे दिए जाने की बरसों पुरानी मांग एक बार फिर सुलग उठी है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार (13 जुलाई) को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने पुलिस परिवारों के समर्थन में पुलिस मुख्यालय (PHQ) की तरफ कूच किया। प्रदर्शनकारियों के तेवरों को देखते हुए देहरादून पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मुख्य बिंदु
- अधिकार सत्याग्रह: पुलिस मुख्यालय के मुख्य द्वार पर इस आंदोलन को ‘अधिकार सत्याग्रह’ का नाम दिया गया है, जिसमें पुलिस कर्मियों के परिवारों के साथ-साथ विपक्षी व सामाजिक संगठनों ने भी अपनी ताकत झोंक दी है।
- बैरिकेडिंग से रोका रास्ता: पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों को पीएचक्यू तक पहुंचने से पहले ही मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।
- तीखी बहस और धक्का-मुक्की: आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ गए।
क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा विवाद?
उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल रैंक के जवानों के लिए 4600 ग्रेड पे का मुद्दा पिछले कई सालों से लटका हुआ है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भी पुलिस परिवारों ने इसके लिए बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद सरकार ने राहत देने का भरोसा दिया था।
लेकिन लंबे समय तक ठोस कार्रवाई न होने के कारण पुलिस कर्मियों के परिवारों और समर्थकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि:
- 20 साल की सेवा के बाद भी हकमारी: पुलिस के जवान दिन-रात ड्यूटी करते हैं, लेकिन 20 साल की सर्विस के बाद भी उन्हें तय ग्रेड पे नहीं मिल पा रहा है।
- सम्मान की गारंटी: आंदोलनकारियों की मांग है कि पुलिसकर्मियों को उनका जायज हक और सम्मान दिया जाए, न कि सिर्फ खोखले वादे किए जाएं।
चुनावी साल में बढ़ सकती हैं सरकार की मुश्किलें
राज्य में आगामी राजनीतिक सरगर्मियों के बीच पुलिस विभाग से जुड़ा यह मुद्दा अब एक बड़ा राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के इस आंदोलन में कूदने से धामी सरकार पर दबाव बेहद बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत 4600 ग्रेड पे लागू करने का शासनादेश (GO) जारी नहीं किया, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में उग्र रूप दिया जाएगा और पुलिस परिवारों के लोग सड़कों पर उतरकर अनशन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल मौके पर तनाव बना हुआ है और पुलिस के आला अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश में जुटे हैं।