- 1000 से अधिक श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का रथ, हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान हुआ पूरा शहर।
- स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने किया भव्य स्वागत, 2,000 से अधिक भक्तों को बंटा महाप्रसाद।
श्रीनगर गढ़वाल:
देवभूमि उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में पहली बार इस्कॉन (ISKCON) द्वारा भव्य ‘श्री जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा’ का आयोजन कर नया इतिहास रचा गया। श्रीनगर के गोला बाजार से जब भगवान जगन्नाथ, भाई बलदेव और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले, तो पूरा वातावरण ‘हरे कृष्णा, हरे रामा’ और ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से सराबोर हो गया।
गोला बाजार से शुरू होकर बांसवाड़ा में संपन्न हुई यात्रा
यह भव्य रथ यात्रा शरफ़ा धर्मशाला, गोला बाजार से विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद प्रारंभ हुई। इसके बाद रथ यात्रा गणेश मार्केट, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग, गुरुद्वारा और बांसवाड़ा होते हुए गरिमामयी ढंग से संपन्न हुई। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर रथ का स्वागत किया और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
यात्रा की मुख्य झलकियां (Key Highlights):
- अगाध जनसैलाब: इस पहली रथ यात्रा का साक्षी बनने के लिए 1,000 से अधिक श्रद्धालु उमड़े। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बड़े ही उत्साह के साथ भगवान का रथ खींचा।
- भक्तिमय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: पूरी यात्रा के दौरान श्री जगन्नाथ स्वामी की दिव्य आरती उतारी गई। भक्तों ने अत्यंत भावपूर्ण तरीके से ‘श्री जगन्नाथाष्टकम्’ का गान किया और मृदंग व झांझ की थाप पर जमकर हरिनाम संकीर्तन किया।
- महाप्रसाद का वितरण: इस पावन अवसर पर इस्कॉन द्वारा 2,000 से अधिक भक्तों और राहगीरों को अत्यंत श्रद्धा के साथ महाप्रसाद वितरित किया गया।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: स्थानीय पुलिस और प्रशासन के बेहतरीन सहयोग के चलते पूरी यात्रा बेहद सुचारु, शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हुई।
स्थानीय लोगों में दिखा भारी उत्साह
श्रीनगर के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने न केवल इस यात्रा का स्वागत किया, बल्कि इसमें बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता भी दर्ज कराई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गढ़वाल क्षेत्र में इस्कॉन का यह प्रयास बेहद सराहनीय है और इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र में सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।