गोपेश्वर/चमोली:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के पीपलकोटी में प्रभावित टनल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। घटना स्थल का जायजा लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री जिला अस्पताल, गोपेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने रेस्क्यू कर लाए गए घायल श्रमिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और विशेषज्ञों से घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की स्थिति एवं चलाए जा रहे उपचार की विस्तृत जानकारी ली।
”हर श्रमिक का जीवन अमूल्य”: इलाज में न हो कोई कसर
अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने के बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि सभी घायल श्रमिकों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके इलाज में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही या कमी न रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया:
”प्रत्येक श्रमिक का जीवन हमारे लिए अत्यंत अमूल्य है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार घायलों और उनके परिजनों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।”
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मिलेगी ‘हेली एंबुलेंस’ की सुविधा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी श्रमिक की स्थिति गंभीर होती है या उसे उच्च चिकित्सा केंद्र (Higher Medical Center) रेफर करने की आवश्यकता पड़ती है, तो इसमें बिल्कुल भी देरी न की जाए।
- एयर एंबुलेंस अलर्ट: आपात स्थिति के लिए हेली एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- संसाधनों की पूर्ति: आवश्यक दवाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की निर्बाध आपूर्ति के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ईश्वर से सभी घायल श्रमिकों के जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की है।
📌 मुख्य बिंदु: सीएम धामी के निर्देश
- पीपलकोटी टनल का स्थलीय निरीक्षण: टनल क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया गया।
- गोपेश्वर अस्पताल का दौरा: रेस्क्यू किए गए घायलों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया।
- हाई-लेवल मेडिकल केयर: चिकित्सकों को घायलों का बेहतर इलाज करने के सख्त निर्देश।
- हेली एंबुलेंस सेवा: गंभीर स्थिति में तत्काल हायर सेंटर रेफर करने के लिए एयर एंबुलेंस को तैयार रखने का आदेश।