🕉️ श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल):
ऐतिहासिक एवं पौराणिक सिद्धपीठ कमलेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष 4 नवंबर को पावन बैकुंठ चतुर्दशी पर्व के अवसर पर पारंपरिक “खड़ा दीया अनुष्ठान” का आयोजन होगा। 🙏
🔥 यह अनुष्ठान हर वर्ष संतान की कामना रखने वाले दंपतियों द्वारा किया जाता है।
मान्यता है कि इस अनुष्ठान को करने वाले दंपतियों को भगवान शिव की कृपा से संतान प्राप्ति होती है।
✨ अनुष्ठान की विशेष प्रक्रिया:
महिलाओं की कमर में कपड़े की पोटली बांधी जाती है, जिसमें जुड़वा नींबू, श्रीफल, पंचमेवा और चावल रखे जाते हैं।
इसके बाद महंत द्वारा सभी दंपतियों के हाथों में दीपक रखवाकर विशेष पूजा-अर्चना कराई जाती है।
पूरी रात दंपति अपने हाथों में जलता हुआ दीपक लेकर भगवान शिव की आराधना करते हैं।
📖 पौराणिक कथा के अनुसार:
भगवान विष्णु ने दानवों पर विजय पाने के लिए श्रीनगर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की तपस्या की थी।
शिव ने परीक्षा लेने के लिए एक कमल पुष्प छिपा दिया।
तब भगवान विष्णु ने अपना एक नेत्र (आंख) अर्पित करने का संकल्प लिया।
उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उन्हें अमोघ सुदर्शन चक्र का वरदान दिया।
इसी दौरान एक दंपति इस दिव्य लीला के साक्षी बने।
मां पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने उस दंपति को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद दिया।
तब से ही यहां बैकुंठ चतुर्दशी पर्व पर खड़ा दीया अनुष्ठान करने की परंपरा चली आ रही है।
🪔 इस वर्ष भी यह पावन अनुष्ठान 4 नवंबर की रात, कमलेश्वर महादेव मंदिर श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में आयोजित होगा।