चमोली |
पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेशभर में गुमशुदा बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों की खोज और पुनर्वास के उद्देश्य से “ऑपरेशन स्माइल” अभियान का संचालन 01 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। यह अभियान केवल एक पुलिस कार्यवाही नहीं, बल्कि बिछड़े परिवारों को पुनः जोड़ने की एक मानवीय और संवेदनशील पहल है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक चमोली श्री सुरजीत सिंह पँवार के नेतृत्व में जनपद स्तर पर एक समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सभी संबंधित विभागों और सामाजिक संस्थाओं को एक साझा मंच पर लाया गया।
सभी विभागों की सहभागिता से चलेगा अभियान
गोष्ठी में ऑपरेशन स्माइल टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, बाल कल्याण समिति (CWC), जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण, शिक्षा विभाग तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
हर गुमशुदा व्यक्ति एक परिवार की कहानी: एसपी चमोली
गोष्ठी की शुरुआत में एसपी चमोली द्वारा वर्ष 2019 से 2025 तक जनपद में दर्ज गुमशुदा मामलों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा—
“हर गुमशुदा व्यक्ति केवल एक केस नहीं, बल्कि किसी परिवार की अधूरी कहानी है। हमारा लक्ष्य इन दो महीनों में अधिक से अधिक बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाना है।”
उन्होंने अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय, सूचना साझा करने एवं त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करने को कहा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों का संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।
02 विशेष टीमें गठित
अभियान के तहत जनपद स्तर पर दो विशेष टीमें गठित की गई हैं—
सर्चिंग टीम
टेक्निकल टीम
गुमशुदा व्यक्तियों के उपलब्ध डाटा के आधार पर शेल्टर होम, नारी निकेतन, वृद्धाश्रम, होटल-ढाबे, फैक्ट्रियां, बस अड्डे, धार्मिक स्थल एवं अन्य संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में पुलिस उपाधीक्षक चमोली श्री मदन सिंह बिष्ट को नामित किया गया है। प्रत्येक टीम में महिला पुलिस कर्मी की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में मानवीय संवेदनशीलता बनी रहे।
काउंसलिंग और सुरक्षित पुनर्मिलन पर जोर
एसपी चमोली ने निर्देश दिए कि बरामद किए गए सभी गुमशुदा व्यक्तियों का सत्यापन, काउंसलिंग एवं सकुशल परिजनों से पुनर्मिलन कराया जाए। साथ ही सोशल मीडिया, तकनीकी संसाधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाए।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी चमोली डॉ. अभिषेक गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि—
“आधुनिक जीवनशैली के कारण मानसिक तनाव और समस्याएं सभी आयु वर्ग में बढ़ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए टेली मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 शुरू की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना झिझक विशेषज्ञों से परामर्श ले सके।”
उन्होंने कहा कि इस सेवा का उद्देश्य भौगोलिक सीमाओं को पार कर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को हर व्यक्ति तक पहुँचाना है।
पूर्ण सहयोग का आश्वासन
गोष्ठी के अंत में सभी विभागों एवं सामाजिक संस्थाओं ने ‘ऑपरेशन स्माइल’ को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग और सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया।
गोष्ठी में ये रहे मौजूद
प्रवेश सिंह नेगी (बाल संरक्षण अधिकारी),
प्रदीप सिंह (जिला प्रोबेशन अधिकारी),
श्रीमती रजनी पंवार (बाल संरक्षण अधिकारी),
कमलेश सती (डीईओ),
प्रभा रावत (हिमाद संस्था),
ममता भट्ट (बाल कल्याण समिति),
राजीव नौटियाल (चाइल्ड हेल्पलाइन),
रश्मि रावत (महिला एवं बाल विकास),
कर्मवीर सिंह (शिक्षा विभाग),
भरत सिंह राणा (आश्रम पद्धति),
उदय सिंह (स्वास्थ्य विभाग),
उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी सहित अन्य अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।