अल्मोड़ा।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों के बीच अल्मोड़ा में आयोजित एक जनसभा के दौरान दिया गया बयान अब विवाद का कारण बन गया है। सामाजिक कार्यकर्ता भारती पांडे ब्राह्मणवाद और मनुवाद को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गई हैं। इस मामले में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है, वहीं अब भारती पांडे ने भी पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष सार्वजनिक किया है।
दरअसल, 8 जनवरी को अल्मोड़ा के चौहानपाटा/गांधी पार्क क्षेत्र में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक जनसभा का आयोजन किया गया था। सभा के दौरान अपने संबोधन में भारती पांडे ने महिला हिंसा के लिए पितृसत्तात्मक और मनुवादी व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। इसी दौरान सभा में मौजूद वैभव जोशी ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए भाषण के बीच में ही विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने के साथ ही सभा स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
सभा के बाद वैभव जोशी की ओर से भारती पांडे के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जनसभा के दौरान की गई टिप्पणी से सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं दूसरी ओर भारती पांडे का कहना है कि उन्हें जानबूझकर बोलने से रोका गया और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हुई।
ट्रोलिंग और धमकियों पर भारती का पक्ष
घटना के बाद भारती पांडे ने दावा किया है कि उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकियां तक दी जा रही हैं। भारती पांडे ने सवाल उठाया कि एक ओर समाज अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक महिला की आवाज को डराकर दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस संबंध में भारती पांडे ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने वैभव जोशी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने विरोध करने वालों को इस विषय पर अध्ययन करने की सलाह देते हुए खुली बहस की चुनौती भी दी है।
पुलिस जांच जारी
मामले को लेकर पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अल्मोड़ा के सीओ जी.डी. जोशी ने बताया कि पूरे प्रकरण में सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग के बीच उठा यह विवाद आंदोलन की दिशा और स्वरूप को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।