रुद्रप्रयाग/केदार घाटी।
केदार घाटी की पावन धरती एक बार फिर अपने वीर सपूत की शौर्यगाथा से गौरवान्वित हुई है। त्रियुगीनारायण गाँव के निवासी भारतीय सेना के जांबाज़ अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह (बर्तवाल) को ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान प्रदर्शित अद्वितीय साहस, असाधारण नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान अत्यंत विषम परिस्थितियों, भारी जोखिम और चुनौतीपूर्ण हालातों के बीच लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह ने जिस सूझबूझ, वीरता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया, उसने न केवल मिशन को सफल बनाया, बल्कि दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उनके नेतृत्व में सैनिकों ने अदम्य साहस के साथ मोर्चा संभाला और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
सेना मेडल से सम्मानित होने की खबर मिलते ही त्रियुगीनारायण गाँव, केदार घाटी और आसपास के क्षेत्रों में हर्ष और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान और प्रेरणा का स्रोत बताया है। हर घर और हर चौपाल पर लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह की वीरता की चर्चा हो रही है।
लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह ने अपने कर्तव्य पालन से यह सिद्ध कर दिया कि अनुशासन, कठिन परिश्रम और अटूट देशभक्ति के साथ किसी भी चुनौती को परास्त किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश के युवाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है।
केदार घाटी का यह सपूत आज देशभक्ति, शौर्य और समर्पण का जीवंत प्रतीक बन चुका है।