हल्द्वानी। ब्लॉगर ज्योति अधिकारी की कानूनी परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। मुखानी थाने में दर्ज मुकदमों में मंगलवार को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद उन्हें जेल से रिहाई नहीं मिल सकी। इसकी वजह खटीमा में दर्ज एक अन्य मुकदमे में उनका वांछित होना बताया गया है। खटीमा पुलिस बुधवार को ज्योति को रिमांड पर लेकर कोर्ट में पेश करेगी।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों कुमाऊं की महिलाओं और लोक देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हरिपुर लामाचौड़, किच्छा निवासी ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ जुड़ी चुफाल द्वारा 8 जनवरी को मुखानी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मुकदमे में आईटी एक्ट की धारा 27 के साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना), 196 (धर्म, जाति, भाषा के आधार पर शत्रुता फैलाना), 299 और 302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत आरोप लगाए गए थे। उसी दिन शाम को पुलिस ने ज्योति को गिरफ्तार कर लिया था।
मंगलवार को अपर सिविल जज द्वितीय की अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद मुखानी थाने में दर्ज मुकदमों में ज्योति को जमानत मिल गई। बचाव पक्ष के वकील ने भी इसकी पुष्टि की है।
हालांकि, खटीमा में दर्ज एक अन्य मामले में ज्योति के वांछित होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी। खटीमा पुलिस द्वारा वारंट तामील कर लिया गया है और अब उन्हें रिमांड पर लेकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस संबंध में उप कारागार हल्द्वानी के जेल अधीक्षक प्रमोद पाण्डे ने बताया कि अन्य केस में वांछित होने के कारण ज्योति अधिकारी को फिलहाल जेल से रिहा नहीं किया जा सका है।