चमोली/मेंगलोर।
उत्तराखंड के चमोली जनपद की होनहार धाविका भागीरथी बिष्ट ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और जनपद का नाम रोशन किया है। कर्नाटक के मेंगलोर में आयोजित 85वीं ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 के तहत हाफ मैराथन प्रतियोगिता में भागीरथी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
वहीं पिथौरागढ़ की धाविका माया ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर उत्तराखंड के लिए दोहरी सफलता दर्ज कराई।
कड़े मुकाबले में दिखाया दम
12 से 16 जनवरी तक कर्नाटक के मेंगलोर में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के अंतर्गत बुधवार को 21 किलोमीटर हाफ मैराथन दौड़ कराई गई, जिसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शीर्ष धावकों ने भाग लिया। कड़े और चुनौतीपूर्ण मुकाबले के बीच 24 वर्षीय भागीरथी बिष्ट ने मात्र 1 घंटा 21 मिनट में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान हासिल किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला।
गांव से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
चमोली जिले के वाण गांव की रहने वाली भागीरथी की इस उपलब्धि से पूरे जनपद, देवाल क्षेत्र और प्रदेश में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों, खेल प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों ने भागीरथी को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाइयाँ दी हैं।
कोच ने सराहा प्रदर्शन
भागीरथी के कोच, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर निवासी एवं अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा ने बताया कि भागीरथी ने हाफ मैराथन में बेहतरीन रणनीति, धैर्य और फिटनेस का प्रदर्शन करते हुए यह सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि भागीरथी इससे पहले ईरान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन में भी प्रतिभाग कर चुकी हैं।
इसके अलावा वह देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित कई प्रतिष्ठित मैराथन प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं।
ओलंपिक है लक्ष्य
‘फ्लाइंग गर्ल’ के नाम से पहचानी जाने वाली भागीरथी बिष्ट वर्तमान में पौड़ी जनपद स्थित रासी स्टेडियम में नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनका सपना है कि वे एक दिन ओलंपिक खेलों में मैराथन दौड़ में भारत के लिए पदक जीतकर देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करें।
भागीरथी की यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।