रुद्रपुर।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के प्रशिक्षार्थी छात्रों ने टाटा मोटर्स पंतनगर पर शोषण और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में छात्रों ने कुमाऊँ आयुक्त को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आईटीआई ट्रेड इलेक्ट्रीशियन (DST) के प्रशिक्षार्थियों का कहना है कि प्रवेश के समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि प्रशिक्षण अवधि में ट्रेड से संबंधित तकनीकी एवं प्रयोगात्मक शिक्षा दी जाएगी। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। छात्रों का आरोप है कि कंपनी परिसर में उनसे मजदूरों की तरह उत्पादन कार्य कराया जा रहा है, जबकि न तो कक्षाएं लगाई जा रही हैं और न ही प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षार्थियों के अनुसार कठिन श्रम के बावजूद उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे उन्हें मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का यह भी कहना है कि उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या उठाने का प्रयास किया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
शिकायत पत्र में छात्रों ने कुमाऊँ आयुक्त से मांग की है कि पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों या संस्था के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
बताया गया है कि शिकायत पत्र पर आईटीआई प्रशिक्षार्थी छात्रों के नाम से हस्ताक्षर हैं। छात्रों का पता राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (कोड GU05000082), जगजीतपुर, हरिद्वार दर्ज है। यह शिकायत 06 जनवरी 2026 को रुद्रपुर से भेजी गई।
यह मामला अब प्रशासनिक और औद्योगिक प्रशिक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें कुमाऊँ आयुक्त की ओर टिकी हैं कि इन आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।