ऋषिकेश/सिंगटाली: राजनीति के व्यस्त गलियारों और प्रोटोकॉल की बंदिशों के बीच कभी-कभी संवेदना की ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जो समाज में विश्वास को और मजबूत करती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आज ऋषिकेश-श्रीनगर मार्ग पर देखने को मिला, जब प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एक घायल युवक की मदद के लिए अपना काफिला रुकवा दिया।
हादसे को देख तुरंत रुकवाया काफिला
जानकारी के मुताबिक, डॉ. धन सिंह रावत देहरादून से श्रीनगर (गढ़वाल) में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए थे। जब उनका काफिला ऋषिकेश-कौड़ियाला मार्ग पर सिंगटाली के समीप पहुंचा, तो सड़क किनारे एक दुर्घटना देख मंत्री ने तुरंत गाड़ी रुकवाने के निर्देश दिए। वहां एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार युवक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पत्थरों से टकराकर चोटिल हो गया था।
स्वयं जाना घायल का हाल-चाल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री स्वयं वाहन से उतरे और घायल युवक के पास पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ युवक को ढांढस बंधाया, बल्कि व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उसकी स्थिति का जायजा लिया। गनीमत रही कि प्राथमिक रूप से युवक की स्थिति सामान्य पाई गई।
सतर्कता और संवेदनशीलता की मिसाल
एक जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर डॉ. रावत ने कोई जोखिम न लेते हुए तत्काल एम्बुलेंस सेवा को फोन कर सूचना दी। हालांकि, युवक ने अपनी स्थिति ठीक बताते हुए मंत्री का आभार व्यक्त किया और स्वेच्छा से अपने साथी के साथ अस्पताल जाकर उपचार कराने की बात कही।
”सत्ता जब संवेदना के साथ चलती है, तो वह जनसेवा का वास्तविक स्वरूप बन जाती है। डॉ. धन सिंह रावत का यह कदम चर्चा का विषय बना हुआ है।”
जब युवक सुरक्षित रूप से उपचार के लिए रवाना हो गया, उसके बाद ही स्वास्थ्य मंत्री ने श्रीनगर की ओर अपना सफर आगे बढ़ाया। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मंत्री की इस संवेदनशीलता और तत्परता की जमकर प्रशंसा की।