श्रीनगर (गढ़वाल)। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस 2025 बैच के नवप्रवेशी छात्रों के लिए ‘व्हाइट कोट सेरेमनी’ एवं ‘महर्षि चरक शपथ’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर भावी चिकित्सकों में सेवा और समर्पण का उत्साह भरा।
चिकित्सा जगत में नई पारी की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान नवागंतुक छात्र-छात्राओं को विधिवत रूप से ‘व्हाइट कोट’ पहनाकर चिकित्सा के क्षेत्र में उनके पहले कदम का स्वागत किया गया। इसके साथ ही प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति के मूल आधार ‘महर्षि चरक’ की शपथ दिलाकर उन्हें नैतिक मूल्यों और रोगियों के प्रति उनके कर्तव्यों का बोध कराया गया।
स्वास्थ्य मंत्री का मुख्य संबोधन
भावी डॉक्टरों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा:
- जिम्मेदारी का प्रतीक: “व्हाइट कोट केवल एक वेशभूषा नहीं, बल्कि यह डॉक्टर की ईमानदारी, अनुशासन और मरीज के प्रति गहरी संवेदना का प्रतीक है।”
- व्यवहार ही पहचान: उन्होंने जोर दिया कि एक चिकित्सक का सौम्य व्यवहार ही उसकी सबसे बड़ी पहचान होती है। यदि डॉक्टर का व्यवहार अच्छा है, तो मरीज का आधा रोग वैसे ही कम हो जाता है।
- मरीज का भरोसा: चिकित्सा सेवा का मुख्य उद्देश्य मरीज को सम्मान और भरोसा देना होना चाहिए।
अनुशासन और सेवा का संकल्प
स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई के दौरान न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनें, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि ये छात्र भविष्य में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन सकें।
”मरीज को भरोसा और सम्मान देना ही सच्ची चिकित्सा है।” – डॉ. धन सिंह रावत