देहरादून: राजधानी के पॉश इलाके डालनवाला में बुधवार को हुए सनसनीखेज अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की मां बीना शर्मा सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी बाहरी रंजिश में नहीं, बल्कि घर के भीतर पनप रहे संपत्ति के विवाद का खूनी अंजाम थी।
मुख्य बिंदु:
- साजिश का केंद्र: मृतक की मां बीना शर्मा को मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है।
- गिरफ्तार आरोपी: बीना शर्मा के अलावा, पुलिस ने दो शार्प शूटरों और साजिश में शामिल अन्य सहयोगियों को दबोचा है।
- विवाद की जड़: करोड़ों की पारिवारिक संपत्ति और ‘अमरदीप गैस एजेंसी’ के मालिकाना हक को लेकर मां-बेटे में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
एनकाउंटर के बाद पकड़े गए शूटर
एसएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों ने देर रात अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी की। रायपुर और लालतप्पड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो शूटरों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें अर्जुन की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
क्या था पूरा मामला?
बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे, पूर्व सैन्य अधिकारी के पुत्र और गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा (42) जब परेड ग्राउंड में टेनिस खेलकर लौट रहे थे, तब तिब्बती मार्केट के पास स्कूटी सवार हमलावरों ने उन्हें सीने में गोली मार दी थी। अर्जुन की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने अपनी सास बीना शर्मा, उनके करीबी विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और एक डॉक्टर के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी।
पुलिस का बयान
एसएसपी देहरादून ने बताया कि, “शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से संपत्ति और पैसों के लेनदेन का विवाद नजर आ रहा है। मां बीना शर्मा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।”
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