पौड़ी गढ़वाल | 17 मार्च 2026
जनपद पौड़ी में आज उस समय हड़कंप मच गया जब एक के बाद एक कई प्राकृतिक आपदाओं की सूचनाएं प्राप्त होने लगीं। कहीं नदी उफान पर दिखी, तो कहीं जंगलों की आग और बस दुर्घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। हालांकि, घबराने की बात नहीं है—यह सब जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक वृहद ‘मॉक ड्रिल’ (आपदा पूर्व अभ्यास) का हिस्सा था।
कंट्रोल रूम से संचालित हुआ ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’
प्रातः 10:00 बजे से शुरू हुए इस मॉक अभ्यास के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक हाई-टेक आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। जिलाधिकारी के निर्देशन में विभिन्न तहसीलों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर बचाव टीमों को रवाना किया गया।
| स्थान | घटना का स्वरूप | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| कोटद्वार (खोह नदी) | नदी का जलस्तर बढ़ने से 15 परिवार फंसे, 4 घायल। | SDRF और पुलिस द्वारा रेस्क्यू जारी। |
| धुमाकोट (चौकीखाल) | मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त। | SDM, पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर तैनात। |
| बुवाखाल (नागदेव रेंज) | भीषण वनाग्नि की चपेट में जंगल। | वन विभाग व फायर ब्रिगेड टीम सक्रिय। |
| थलीसैंण (रौली-कैन्यूर) | भूस्खलन की सूचना। | राहत |
कोटद्वार में खोह नदी का रौद्र रूपसुबह 10:31 बजे सूचना प्राप्त हुई कि कोटद्वार की खोह नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से झुलाबस्ती में 15 परिवारों के सदस्य फंस गए हैं। पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से 4 लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए। सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला और नदी के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का सफल अभ्यास किया।धुमाकोट में बस दुर्घटना और बुवाखाल में वनाग्निएक ओर जहाँ धुमाकोट के चौकीखाल मार्ग पर मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने तंत्र को सक्रिय किया, वहीं दूसरी ओर बुवाखाल की नागदेव रेंज के जंगलों में लगी आग ने चुनौती खड़ी कर दी। आग के रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग के साथ SDRF को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।क्यों जरूरी है यह अभ्यास?प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय रिस्पांस टाइम को कम करना और विभिन्न विभागों (पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, SDRF) के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक आपदा के समय जन-धन की हानि को कम करने के लिए इस तरह के अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।नोट: यह खबर दिनांक 17 मार्च 2026 को आयोजित आपदा प्रबंधन अभ्यास (Mock Drill) पर आधारित है। कृपया किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं।