पौड़ी (UK Report 24Live): जनपद में गैस आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के सख्त निर्देशों के बाद पूर्ति विभाग की टीमों ने पूरे जिले में एक साथ 68 प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले के गैस डीलरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिले भर में सघन चेकिंग अभियान
प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने कोटद्वार से लेकर थलीसैंण तक के दुर्गम इलाकों में भी दबिश दी। अभियान के दौरान कुल 17 गैस गोदामों, 2 पेट्रोल पंपों और 49 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड खंगाले गए। अधिकारियों ने मुख्य रूप से स्टॉक रजिस्टर, वितरण प्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुपालन की बारीकी से जांच की।
इन क्षेत्रों में हुई मुख्य कार्रवाई:
जांच टीमों ने जनपद के लगभग सभी प्रमुख केंद्रों को कवर किया, जिनमें शामिल हैं:
- मैदानी क्षेत्र: कोटद्वार, दुगड्डा और लक्ष्मणझूला।
- पहाड़ी क्षेत्र: पाबौ, सतपुली, नौगांवखाल-पोखड़ा, चेलूसैंण और लैंसडाउन।
- दूरस्थ क्षेत्र: थलीसैंण, धुमाकोट-नैनीडांडा और उफरैंखाल-रिखणीखाल।
अकेले कोटद्वार क्षेत्र में 2 गैस गोदाम, 1 पेट्रोल पंप और 5 बड़े प्रतिष्ठानों की गहनता से जांच की गई।
अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
”विभाग की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को मानकों के अनुरूप सुचारू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान या गैस एजेंसी में स्टॉक या वितरण को लेकर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”