कोटद्वार: कोटद्वार। कहते हैं कि आर्थिक तंगी इंसान से कुछ भी करवा सकती है, लेकिन कोटद्वार में दो युवकों ने पैसे कमाने का जो रास्ता चुना, उसने उन्हें सीधे जेल की कालकोठरी में पहुंचा दिया। पौड़ी पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो चरस तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो स्कूल-कॉलेज के छात्रों को अपना निशाना बना रहे थे।चेकिंग के दौरान धरे गए आरोपीवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) लोकेश्वर सिंह के निर्देश पर जनपद में ‘ड्रग फ्री देवभूमि’ अभियान जोरों पर है। इसी कड़ी में कोटद्वार पुलिस जब गश्त पर थी, तब संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो व्यक्तियों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में अवैध चरस बरामद हुई।कौन हैं ये तस्कर?पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:आरोपी 1: (नाम रिपोर्ट के अनुसार), निवासी कोटद्वार।आरोपी 2: (नाम रिपोर्ट के अनुसार), निवासी कोटद्वार।क्यों चुना जुर्म का रास्ता?पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। घर की माली हालत सुधारने और जल्दी अमीर बनने के चक्कर में उन्होंने चरस की तस्करी शुरू कर दी। उनका मुख्य टारगेट स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के छात्र थे, जिन्हें वे ऊंचे दामों पर नशा बेचते थे।पुलिस की चेतावनीकोटद्वार पुलिस ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।SSP पौड़ी का संदेश: “नशे का कारोबार करने वालों पर हमारी पैनी नजर है। अभिभावकों से भी अपील है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।”