पौड़ी/18 नवंबर 2025:
पौड़ी गढ़वाल स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राजकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, जिसकी स्थापना वर्ष 1989-90 में समाज कल्याण विभाग द्वारा की गई थी, आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। सरकार की प्रतिबद्धता और विभागीय प्रयासों से यह छात्रावास वंचित वर्ग के छात्रों के लिए अवसरों का मजबूत मंच प्रदान कर रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि छात्रावास में 48 स्वीकृत सीटें हैं, जिनमें से 31 छात्र वर्तमान में निवासरत हैं। सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, वाई-फाई, अध्ययन सामग्री तथा आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शैक्षणिक उन्नति के लिए छात्रावास में निःशुल्क कोचिंग की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। यहाँ के छात्रों का सेना, तकनीकी, अध्यापन व चिकित्सा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में चयन होना छात्रावास की गुणवत्ता और प्रयासों का प्रमाण है।
छात्रावास में मौजूद 18 कमरे, किचन और डाइनिंग हॉल का व्यापक नवीनीकरण वर्ष 2025 में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला योजना मद से किया गया। नवीनीकरण कार्यों में ग्राउंड फ्लोर के पाँच कमरों, किचन, डाइनिंग हॉल, बाथरूम–टॉयलेट, टिन शेड, बाउंड्री वॉल और भवन की छत की मरम्मत शामिल रही।
सुविधाओं में सुधार के तहत छात्रावास में दो आरओ सिस्टम, रात्रिकालीन सुरक्षा हेतु सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, तथा ई-निविदा आधारित भोजन व्यवस्था को भी सुनिश्चित किया गया है।
छात्रावास अधीक्षक जयदेव नौगाईं ने बताया कि सभी छात्रों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाता है तथा पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया जाता है। वर्ष 2024 में सभी विद्यार्थियों को खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कराया गया, जिससे उनमें नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास हुआ।
समाज कल्याण विभाग एवं राज्य सरकार के सतत प्रयासों से यह छात्रावास आज सामाजिक परिवर्तन का प्रेरक केंद्र बन चुका है और अनेक विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।