बागेश्वर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय बागेश्वर प्रवास के दौरान आज दोपहर एक विशेष भावनात्मक क्षण के साक्षी बने, जब विद्यालय से घर लौट रहे मासूम बच्चों से उन्होंने आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर बच्चों के चेहरों पर खिल उठी मुस्कान ने पूरे माहौल को उल्लास और ऊर्जा से भर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, खेलकूद, भविष्य के सपनों और दैनिक दिनचर्या के बारे में सरल और सहज अंदाज़ में बातचीत की। बच्चों की मासूम हंसी, उत्सुकता और खुलेपन ने मुख्यमंत्री को भी अपने बचपन की यादों में ले गया। उन्होंने कहा कि बच्चों की निश्छलता और ऊर्जा समाज की सबसे बड़ी पूंजी है और इन्हीं के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
संवाद के दौरान बच्चों ने अपनी पसंदीदा विषयों, करियर के सपनों और अपने छोटे-छोटे अनुभवों को साझा किया। उनकी सरल बातें और आत्मविश्वास भरी आवाज़ें सुनकर मुख्यमंत्री ने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसी मुलाकातें उन्हें नई ऊर्जा देती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि राज्य के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता अटूट है।
दो दिवसीय बागेश्वर दौरे के बीच बच्चों से हुई यह सहज भेंट दौरे का सबसे यादगार और आत्मीय क्षण बन गई, जिसने संदेश दिया कि प्रदेश का भविष्य इन नन्हे कदमों में ही बसता है।