पौड़ी/09 दिसंबर 2025।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को एनआईसी कक्ष में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने वन और राजस्व विभाग को लम्बित मामलों में तेज़ी लाने तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामले सीधे जनहित और विकास परियोजनाओं से जुड़े हैं, इसलिए इनके निस्तारण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी।
बैठक में उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को सभी लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा, भौतिक सत्यापन तथा वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विभागीय अभिलेखों को अद्यतन रखने और आवश्यक संस्तुतियाँ समय पर शासन को भेजने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में तकनीकी बाधाएँ हैं, उनकी अलग से सूची तैयार कर समाधान हेतु प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।
इसके अलावा उन्होंने लोनिवि और वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वन भूमि मामलों का निस्तारण तेज़ी से हो सके। वन विभाग को निर्देशित किया गया कि वन भूमि हस्तांतरण की सभी गाइडलाइन संबंधित विभागों के साथ साझा की जाएं, ताकि कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ सके।
जिलाधिकारी ने वन और राजस्व विभाग को जीआईएस आधारित लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे सत्यापन प्रक्रिया आसान होगी और प्रतिपूरक वनरोपण (Compensatory Afforestation) में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर विलंब न होने पाए और प्रत्येक मामले की स्थिति नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने विभागीय समन्वय को मजबूत बनाते हुए लंबित प्रकरणों को शीर्ष प्राथमिकता पर निपटाने को कहा।
बैठक में डीएफओ अभिमन्यु सिंह, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, लोनिवि के विभिन्न डिवीज़नों के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।