पौड़ी, 11 दिसंबर 2025।
तहसील पौड़ी के ग्राम गजल्ड में गुलदार द्वारा स्थानीय निवासी राजेन्द्र नौटियाल की मौत के बाद क्षेत्र में फैले भय को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने उच्च स्तरीय अनुमति प्राप्त कर गुलदार नियंत्रण अभियान तेज किया। लगातार ट्रैकिंग और निगरानी के बाद 10 दिसंबर 2025 की शाम 7:05 बजे वन विभाग और विशेषज्ञ शूटरों की संयुक्त टीम ने आदमखोर घोषित गुलदार को मार गिराया।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अभियान में तेजी
4 दिसंबर की घटना के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग ने तुरंत आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कीं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके बाद प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय और मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडे ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर अभियान की रणनीति की समीक्षा की।
तकनीकी संसाधन और संयुक्त टीम की तैनाती
अभियान को सफल बनाने के लिए क्षेत्र में उन्नत निगरानी और सुरक्षा व्यवस्थाएँ की गईं, जिनमें शामिल हैं—
06 कैमरा ट्रैप
02 पिंजरे
प्रेशर इम्प्रेशन पैड एवं अन्य तकनीकी उपकरण
विभागीय शूटरों के साथ स्थानीय अनुभवी शूटर जॉय हुकिल और राकेश चंद्र बड़थ्वाल की तैनाती
7 से 10 दिसंबर तक गुलदार की सक्रियता, पगमार्क, कैमरा ट्रैप चित्रों और वनकर्मियों के प्रत्यक्ष अवलोकन के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। इस दौरान गुलदार द्वारा दो मवेशियों को नुकसान पहुँचाने और एक व्यक्ति पर झपट्टा मारने की घटनाएँ भी सामने आईं।
10 दिसंबर को अभियान सफल, डीएनए जांच जारी
लगातार गश्त और ट्रैकिंग के बाद गजल्ड–कौडला के बीच टीम ने चिन्हित गुलदार को ढेर किया। अब वन विभाग मेडिकल एवं डीएनए परीक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक पुष्टि की प्रक्रिया कर रहा है।
जिला प्रशासन—सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए वन विभाग क्षेत्र में पहले की तरह तैनात रहेगा।
सुरक्षा के सभी उपाय, जैसे—
फॉक्स लाइट, साइरन, कैमरा ट्रैप निगरानी, झाड़ी कटान — लगातार जारी रहेंगे।
वन विभाग ने दी जानकारी
प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु सिंह ने पुष्टि की कि 4 दिसंबर की घटना के बाद से निगरानी में रखा गया हिंसक गुलदार ही 10 दिसंबर को नष्ट किया गया। विभाग वैज्ञानिक पुष्टि और आगे की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार कार्य कर रहा है।