लैंसडौन (पौड़ी): उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद पौड़ी के लैंसडौन तहसील अंतर्गत बरस्वार गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शनिवार शाम एक गुलदार ने डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम और दहशत का माहौल है।
आंगन में खेलते वक्त झपटा गुलदार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरस्वार गांव निवासी डेढ़ वर्षीय यशिका शनिवार शाम अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक मासूम पर हमला कर दिया और परिजनों के सामने ही उसे जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और आनन-फानन में जंगल की ओर बच्ची की तलाश शुरू की गई।
दो घंटे बाद मिली मासूम, अस्पताल में तोड़ा दम
ग्रामीणों और परिजनों ने करीब दो घंटे तक जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद बच्ची लहूलुहान और बेहोश हालत में झाड़ियों में मिली। परिजन तत्काल उसे लेकर कैंट हॉस्पिटल लैंसडौन पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मासूम यशिका को मृत घोषित कर दिया।
गांव में दहशत, वन विभाग ने शुरू की गश्त
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। मासूम की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित करने और पिंजरा लगाने की मांग की है।
- वर्तमान स्थिति: वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
- प्रशासन की अपील: ग्रामीणों को शाम के समय अकेले बाहर न निकलने और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।