देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ का बजट पेश कर राज्य के विकास को एक नई उड़ान दी है। यह बजट न केवल आंकड़ों का मेल है, बल्कि ‘अंत्योदय’ और ‘समावेशी विकास’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की एक मज़बूत कोशिश दिखाई दे रही है।बजट की 5 बड़ी बातें (Key Highlights)रिकॉर्ड तोड़ आवंटन: पहली बार बजट का आंकड़ा ₹1.11 लाख करोड़ के पार पहुंचा है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक ताकत का संकेत है।पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी: युवाओं के स्वरोजगार और पलायन रोकने के लिए विशेष प्रोत्सहन योजनाओं पर ज़ोर दिया गया है।इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल: सड़कों, कनेक्टिविटी और सीमावर्ती क्षेत्रों (Vibrant Villages) के विकास के लिए भारी निवेश का प्रावधान।महिला सशक्तिकरण: ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं को विस्तार देते हुए आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप।पर्यटन और इकोलॉजी: इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन (मानसखंड मंदिर माला मिशन) के लिए विशेष बजट आवंटित।क्यों खास है यह बजट?इस बार का बजट ‘संतुलित विकास’ के मंत्र पर आधारित है। सरकार ने एक तरफ जहां बड़े शहरों में आधुनिक सुविधाओं (Smart Cities) पर फोकस किया है, वहीं दूसरी तरफ दूरस्थ पहाड़ी गांवों तक स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाने के लिए भारी निवेश का वादा किया है।”यह बजट उत्तराखंड के स्वर्ण युग की नींव रखेगा। हमारा लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि ऐसा विकास है जिसमें समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की भी भागीदारी हो।”— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्रीविकास की नई राहबजट में ग्रीन इकोनॉमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा और आयुष क्षेत्र (Ayush & Wellness) को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों का ऐलान किया है, जिससे भविष्य में हज़ारों नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।हमारा नज़रिया: उत्तराखंड सरकार का यह कदम राज्य को 2030 तक अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। अब सारा दारोमदार इस भारी-भरकम बजट के सही क्रियान्वयन (Execution) पर टिका है।