श्रीनगर गढ़वाल में “समलौण – हमारी धरोहर, हमारी पहचान” लोक कार्यक्रम का आयोजन, पांडव नृत्य ने मोहा मनश्रीनगर गढ़वाल।गढ़वाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से गढ़वाल वॉक्स की पहल पर श्रीनगर गढ़वाल में “समलौण – हमारी धरोहर, हमारी पहचान” लोक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, तिवारी मोहल्ला में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ श्री लखपत भंडारी, श्री नरेश नौटियाल, श्री रतूड़ी, श्री नीरज नैथानी, पार्षद श्री रमेश रमोला, श्री शुभम प्रभाकर तथा तिवारी बंधुओं द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ।आयोजन सचिव प्रिंस गिरी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत शैलनट संस्था की ओर से पारंपरिक पांडव नृत्य की गैंडा कौथिग लीला के मंचन से हुई। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उपस्थित लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की।उन्होंने कहा कि भविष्य में इस श्रृंखला के अंतर्गत गढ़वाल के लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं की और भी प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे कार्यक्रम न केवल हमारी विरासत को जीवित रखने में सहायक हैं, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं। साथ ही इससे श्रीनगर गढ़वाल में सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी संस्कृति का उत्सव मनाया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। कार्यक्रम का समापन गंगा आरती के साथ हुआ।कार्यक्रम का संचालन जय कृष्ण पैनुली, महंत महेश गिरी और सागर ममगाईं ने किया, जबकि विभिन्न भूमिकाओं में कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया।