चमोली/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कुदरत का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम के बदले मिजाज ने सबको हैरान कर दिया है। बद्रीनाथ धाम में देर रात से हो रही भारी बर्फबारी के बाद भगवान बद्री विशाल का दरबार पूरी तरह सफेद नजर आ रहा है।बद्रीनाथ से ग्राउंड रिपोर्टबर्फ की मोटी परत: बद्रीनाथ मंदिर परिसर, माणा गांव और आसपास की पहाड़ियों पर एक फीट तक बर्फ जम चुकी है।तापमान शून्य से नीचे: धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे मास्टर प्लान के तहत चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की गति भी धीमी हुई है।अलकनंदा का तट: बर्फबारी के बीच अलकनंदा नदी के किनारे का दृश्य बेहद अलौकिक हो गया है।हिमालयी क्षेत्रों का हाल: एक नज़र में
| क्षेत्र | बर्फबारी की स्थिति | प्रभाव |
|---|---|---|
| बद्रीनाथ धाम | भारी बर्फबारी (1 फीट तक) | कड़ाके की ठंड, दृश्यता कम |
| गंगोत्री-यमुनोत्री | मध्यम से भारी बर्फबारी | धामों में बर्फ की सफेद चादर |
| हर्षिल घाटी | ताजा हिमपात | पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद |
| केदारनाथ | हल्की से मध्यम बर्फबारी | केदारपुरी में फिर जमी बर्फ |
यात्रा की तैयारियों पर असर?चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटे प्रशासन के लिए यह बर्फबारी एक चुनौती भी है और सुखद अहसास भी। बीआरओ (BRO) की टीमें सड़कों से बर्फ हटाने के लिए अलर्ट मोड पर हैं ताकि यात्रा मार्ग सुचारू बने रहें। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्च की यह बर्फबारी ग्लेशियरों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी है।अलर्ट: चमोली प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में जाने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। हेमकुंड साहिब और नीती-माना घाटियों में भी आवाजाही प्रभावित हुई है।