नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात न केवल आगामी रामनवमी की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान का जरिया बनी, बल्कि इसमें उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहाड़ी उत्पादों की झलक भी देखने को मिली।आस्था का अर्पण: मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृतिमुलाकात के दौरान सीएम धामी ने प्रधानमंत्री को मां सुरकंडा देवी की एक सुंदर प्रतिकृति भेंट की। टिहरी गढ़वाल की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित यह शक्तिपीठ करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री का यह उपहार देवभूमि की आध्यात्मिक शक्ति को प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान के रूप में प्रदर्शित करने का एक भावुक प्रयास रहा।उपहारों में दिखी उत्तराखंड की ‘लोकल फॉर वोकल’ झलकसीएम धामी अपने साथ उत्तराखंड के उन उत्पादों को लेकर पहुंचे थे, जो राज्य की पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं:बद्री गाय का शुद्ध घी: पहाड़ों की दुर्लभ और औषधीय गुणों वाली बद्री गाय का घी भेंट कर सीएम ने राज्य के पशु संरक्षण अभियानों की सफलता को रेखांकित किया।पहाड़ी राजमा: अपने विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए मशहूर उत्तराखंडी राजमा भी इस भेंट का हिस्सा रहा।प्राकृतिक शहद: पहाड़ी फूलों और रसायनों से मुक्त जंगल का शुद्ध शहद भेंट कर उत्तराखंड की जैव विविधता का परिचय दिया गया।विकास के रोडमैप पर मंत्रणाउपहारों और शुभकामनाओं के साथ-साथ इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड के विकास पर भी गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में चल रहे निम्नलिखित कार्यों की प्रगति से अवगत कराया:बुनियादी ढांचा: सड़कों और कनेक्टिविटी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति।पर्यटन: चारधाम यात्रा की तैयारियां और नए पर्यटन केंद्रों का विकास।रोजगार: युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार की दिशा में उठाए गए कदम।निष्कर्ष: मुख्यमंत्री धामी का यह दिल्ली दौरा राजनीतिक से ज्यादा आत्मीय रहा। पहाड़ की सोंधी खुशबू (घी, राजमा और शहद) को प्रधानमंत्री के पास ले जाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड अपनी जड़ों से जुड़कर ही विकास के शिखर को छूने का संकल्प ले चुका है।