रुद्रप्रयाग: पहाड़ की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। जनपद के अगस्त्यमुनि विकासखंड अंतर्गत बचणस्यूँ क्षेत्र के छोटे से गांव पणधारा (मर्गांव) की सभ्या नेगी ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उत्तराखंड अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है।साधारण परिवेश, असाधारण लक्ष्यश्री दरबान सिंह नेगी की सुपुत्री सभ्या नेगी एक बेहद साधारण परिवेश से आती हैं। राजकीय इंटर कॉलेज, खेड़ाखाल की पूर्व छात्रा रही सभ्या का खेलों के प्रति जुनून बचपन से ही दिखने लगा था। गांव की पगडंडियों और खेतों में क्रिकेट का ककहरा सीखने वाली इस बेटी ने अपनी लगन से आज प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।मैदान पर शानदार प्रदर्शनसभ्या नेगी एक बेहतरीन ऑलराउंडर खिलाड़ी के रूप में उभरी हैं। उनकी हालिया सफलता की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:फाइनल में चमक: हाल ही में संपन्न हुए फाइनल मुकाबले में सभ्या ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।मैच विनर: उनके इस शानदार स्पेल ने न केवल विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी, बल्कि अपनी टीम को खिताबी जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।अनुभव: इससे पहले सभ्या उत्तराखंड महिला प्रीमियर लीग में भी अपने बेहतरीन खेल का लोहा मनवा चुकी हैं।गांव में जश्न का माहौल: ढोल-दमाऊं से हुआ स्वागतजैसे ही सभ्या के चयन की आधिकारिक सूचना गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। अपनी लाड़ली के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछा दिए।”जब सभ्या गांव पहुंची, तो पारंपरिक ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सभ्या ने पूरे जनपद और प्रदेश का मान बढ़ाया है।”युवाओं के लिए प्रेरणासभ्या नेगी की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों के कारण पीछे हट जाते हैं। उनकी सफलता संदेश देती है कि मेहनत, निरंतरता और खुद पर विश्वास हो तो ‘गांव के खेतों से स्टेडियम’ तक की दूरी को मिटाया जा सकता है।सच में, सभ्या जैसी बेटियां ही आज के दौर में पहाड़ की असली शान हैं। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।