पौड़ी गढ़वाल | 01 अप्रैल, 2026 जनपद पौड़ी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ हुई। जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में ‘प्रवेशोत्सव’ का आयोजन किया गया, जहाँ न केवल नए छात्र-छात्राओं का स्वागत हुआ, बल्कि सत्र के पहले ही दिन उन्हें निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी भेंट की गईं।
जिलाधिकारी ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह
जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय संख्या पांच, पौड़ी में किया। जिलाधिकारी ने स्वयं बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं और उनसे बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
”समय पर पाठ्य सामग्री उपलब्ध होना शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहती है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।”
— स्वाति एस. भदौरिया, जिलाधिकारी
खेल-कूद और सर्वांगीण विकास पर जोर
बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल के प्लेइंग एरिया में झूले और फिसलपट्टी लगाने हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन का भी बेहतर माहौल मिल सके।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- समयबद्धता: सत्र के पहले ही दिन जिले के प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक के सभी राजकीय स्कूलों में पुस्तक वितरण।
- प्रवेशोत्सव: स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल, नए दाखिलों के साथ छात्र-छात्राओं का भव्य स्वागत।
- प्रशासनिक सक्रियता: जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत और सुचारु वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक) अंशुल बिष्ट ने जानकारी दी कि समय पर पुस्तकों की उपलब्धता से बच्चों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य आरती बहुगुणा, वार्ड सदस्य दिनेश रावत, अरविन्द रावत सहित विद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संपादक की टिप्पणी: यह पहल उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और सरकारी स्कूलों के प्रति बच्चों व अभिभावकों का आकर्षण बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।