घांघरिया/चमोली (UK Report 24 Live)। प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों का लंबा इंतजार आखिरकार आज समाप्त हो गया है। उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers National Park) आज यानी सोमवार (1 जून) से पर्यटकों के लिए आधिकारिक तौर पर खोल दी गई है। घाटी के कपाट खुलते ही देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।उद्घाटन के पावन अवसर पर वन विभाग के उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में घाटी में प्रवेश करने वाले पहले बैच के पर्यटकों का पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया।यूनेस्को की विश्व धरोहर में दिखेगा दुर्लभ फूलों का दीदारयूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल फूलों की घाटी अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, मखमली बुग्यालों और दुर्लभ पुष्प प्रजातियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। हर वर्ष जून माह के पहले दिन इस घाटी को आम जनता और पर्यटकों के लिए खोला जाता है, जहां अक्टूबर के अंत तक या बर्फबारी शुरू होने से पहले तक भ्रमण किया जा सकता है।जुलाई से सितंबर के बीच दिखेगा असली जादूविशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के आगमन के साथ ही घाटी में हजारों प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल प्राकृतिक रूप से खिलने लगते हैं। जुलाई से सितंबर के बीच यह घाटी अपनी खूबसूरती के चरम पर होती है। इस दौरान यहां ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता, कोबरा लिली, एनीमोन समेत सैकड़ों दुर्लभ फूल पूरी घाटी को सतरंगी चादर से ढक देते हैं, जो यहां आने वाले हर सैलानी को मंत्रमुग्ध कर देता है।यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइन:फूलों की घाटी तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को मुख्य पड़ाव गोविंदघाट से करीब 13 किलोमीटर की पैदल या डंडी-कंडी से यात्रा कर पहले घांघरिया पहुंचना होता है। इसके बाद घांघरिया से लगभग 3 किलोमीटर का ट्रेक कर घाटी के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचा जाता है। सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर घाटी के भीतर केवल दिन के समय ही भ्रमण की अनुमति है। सभी पर्यटकों को सूर्यास्त से पहले बेस कैंप वापस लौटना अनिवार्य होता है।स्थानीय कारोबारियों को बड़ी राहत की उम्मीदफूलों की घाटी के ट्रैक खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे खिल गए हैं। गोविंदघाट, घांघरिया और जोशीमठ क्षेत्र के होटल, होमस्टे संचालकों, घोड़ा-खच्चर स्वामियों, गाइडों और स्थानीय छोटे दुकानदारों को इस सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।उद्घाटन के इस खास मौके पर वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) चेतना कांडपाल, घांघरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह समेत वन विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए सैलानी मौजूद रहे।