श्रीनगर: उत्तराखंड के चारों राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन के चलते राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अकेले श्रीनगर बेस चिकित्सालय में ही लगभग 150 इंटर्न डॉक्टर काम बंद कर हड़ताल पर बैठे हैं।
स्टाइपेंड ₹30,000 करने की मुख्य मांग
हड़ताल पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग वर्तमान में मिल रहे ₹17,000 प्रतिमाह के स्टाइपेंड को बढ़ाकर न्यूनतम ₹30,000 प्रतिमाह करने की है। डॉक्टरों का तर्क है कि वे अस्पतालों की ओपीडी (OPD), वार्ड और इमरजेंसी जैसी अति-आवश्यक सेवाओं में दिन-रात लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। वे स्वास्थ्य प्रणाली का एक मजबूत स्तंभ हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित मानदेय नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ता असंतोष
आंदोलनरत चिकित्सकों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शासन और संबंधित अधिकारियों को पूर्व में कई बार अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब या सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। सरकार की इस अनदेखी से युवा डॉक्टरों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। उनका कहना है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए युवा चिकित्सकों की वाजिब समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार की ओर से स्टाइपेंड वृद्धि पर कोई ठोस और लिखित फैसला नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।