नई दिल्ली/देहरादून:दिल्ली के मालवीय नगर में बीते 3 जून को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इतनी बड़ी त्रासदी के बाद जहां सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी और बिल्डिंग के मैनेजमेंट पर बड़े सवाल उठ रहे थे, वहीं अब इस मामले में दिल्ली पुलिस की एक कार्रवाई ने नई बहस छेड़ दी है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले 65 वर्षीय शेफ (कुक) केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है।क्या है पुलिस का दावा और क्यों हुई गिरफ्तारी?पुलिस पूछताछ में केशव नेगी ने बताया कि हादसे की सुबह वह होटल के किचन में काम कर रहे थे। उन्होंने एक इलेक्ट्रिक स्टोव चालू किया था, जिसमें अचानक कोई तकनीकी खराबी या विस्फोट हुआ और आग लग गई। हालात बिगड़ते देख केशव नेगी ने सूझबूझ दिखाते हुए आग को फैलने से रोकने के लिए मुख्य बिजली आपूर्ति (Main Power Supply) बंद कर दी थी।लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी फैसले ने हालात को और गंभीर बना दिया। बिजली बंद होने के कारण होटल का ‘इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉकिंग सिस्टम’ फेल हो गया और दरवाजे लॉक हो गए। इस वजह से कमरे और इमारत के भीतर मौजूद मेहमान समय रहते बाहर नहीं निकल पाए और उनकी दम घुटने व जलने से मौत हो गई। इसी आधार पर पुलिस ने केशव नेगी को जिम्मेदार मानते हुए गिरफ्तार किया है।बलि का बकरा बनाने का आरोप, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्साकेशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक सवाल उठने शुरू हो गए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या 21 मौतों का जिम्मेदार सिर्फ एक कर्मचारी या कुक हो सकता है? क्या होटल में क्षमता से ज्यादा लोग थे, इसकी निगरानी करने वाले अधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं? क्या आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते (Emergency Exits) न होना प्रबंधन की गलती नहीं थी?उत्तराखंड में भी केशव नेगी के समर्थन में आवाजें बुलंद होने लगी हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने जान बचाने की नीयत से पावर सप्लाई बंद की थी और अब असली दोषियों (होटल मालिकों और लापरवाह अफसरों) को बचाने के लिए एक गरीब पहाड़ी बुजुर्ग को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।CM पुष्कर सिंह धामी ने की वार्तामामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस विषय पर वार्ता की है और शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी के मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है, लेकिन इस गिरफ्तारी ने सिस्टम की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।