देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित राजकीय कोरोनेशन अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी (DM) आशीष चौहान ने आधी रात को अचानक अस्पताल पर छापा मार दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन की भारी लापरवाही और बदइंतजामी की पोल खुलकर सामने आ गई। आईसीयू से लेकर सामान्य वार्डों तक हर तरफ अव्यवस्थाओं का अंबार देख जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।
अंधेरे में डूबा था इमरजेंसी वार्ड, नदारद मिले डॉक्टर
देर रात जब जिलाधिकारी कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। अस्पताल के इमरजेंसी विंग और मुख्य परिसर के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा हुआ था और टॉर्च व मोबाइल की रोशनी के सहारे काम चल रहा था।
- ड्यूटी से गायब स्टाफ: निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी ड्यूटी से नदारद मिले, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
- दवाइयों की किल्लत: इमरजेंसी में जरूरी जीवन रक्षक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर खामियां पाई गईं।
आईसीयू और वार्डों में गंदगी का अंबार
जिलाधिकारी ने जब अस्पताल के संवेदनशील हिस्सों जैसे आईसीयू (ICU) और जनरल वार्डों का रुख किया, तो वहां की बदहाली देखकर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई।
- बदबू और गंदगी: वार्डों में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी। तीमारदारों ने शिकायत की कि बार-बार कहने के बावजूद सफाईकर्मी ध्यान नहीं देते।
- मरीजों का दर्द: भीषण गर्मी और उमस के बीच अस्पताल के कई पंखे और कूलिंग सिस्टम ठप पड़े थे, जिसके कारण मरीज परेशान थे।