देहरादून से पकड़ा गया कबूतरबाज, 97 हजार की ठगी का हुआ खुलासा
कोटद्वार। साउथ अफ्रीका में सुनहरी नौकरी का सपना दिखाकर युवक से ₹97 हजार उड़ाने वाले ठग को पौड़ी पुलिस ने देहरादून से दबोच लिया। साइबर सेल और कोटद्वार पुलिस की संयुक्त टीम ने इस रहस्यमयी ठगी का पर्दाफाश किया।
मामला उस समय सामने आया जब सोनम बिष्ट ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दी कि उनके भाई को ‘विरेंद्र सिंह’ नाम के व्यक्ति ने विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया। भरोसे में आकर पीड़ित ने गूगल पे के ज़रिए ₹97,000 रुपए भेज दिए। कुछ ही समय बाद कॉल बंद और व्यक्ति गायब — यहीं से शुरू हुई पुलिस की खोजबीन।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह और क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
तकनीकी विश्लेषण, बैंक ट्रांजैक्शन ट्रेसिंग और डिजिटल सर्विलांस के जरिए पुलिस ने इस साइबर जाल का सिरा थामा। जांच में पता चला कि ‘विरेंद्र सिंह’ असल में टिहरी गढ़वाल के भल्डयाणा गांव का रहने वाला अनिल रावत है।
6 नवम्बर 2025 को पुलिस ने आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ₹24,700 नकद बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले ओमान में नौकरी करता था, लेकिन वीज़ा समाप्त होने के बाद भारत लौट आया। आर्थिक तंगी के चलते उसने लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी।
पुलिस टीम में शामिल:
उपनिरीक्षक दीपक पंवार, कांस्टेबल बलदेव, कांस्टेबल अमित और आरक्षी अमरजीत (साइबर सेल कोटद्वार)।