देहरादून, 04 जुलाई 2026: अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की हेराफेरी के विवाद के बीच अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से भी ऐसी ही बड़ी खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर चढ़ावा चोरी के दावे वायरल होने के बाद ‘बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति’ (BKTC) एक्शन मोड में आ गई है। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
इसके साथ ही, दान राशि की गणना (Counting) में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-Cause Notice) जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला?
देहरादून के एक धार्मिक संगठन ‘भैरव सेना’ के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ को एक शिकायत पत्र सौंपा था। इस पत्र और सोशल मीडिया पर वायरल दावों में आरोप लगाया गया कि मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में बड़ी हेराफेरी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया गया कि इस कथित घोटाले में BKTC के अध्यक्ष का ‘निजी सचिव’ (Personal Secretary) शामिल है। शिकायत सामने आने के बाद उत्तराखंड के सियासी और धार्मिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
मंदिर समिति (BKTC) ने क्या कहा?
मामला गरमाने के बाद BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने एक वीडियो बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा:
”यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए हमने शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
अध्यक्ष ने ‘निजी सचिव’ वाले दावे पर दी सफाई:
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया जिसमें आरोपी को उनका पर्सनल सेक्रेटरी बताया जा रहा था। उन्होंने साफ किया कि:
- वह व्यक्ति उनका कोई व्यक्तिगत या निजी सहायक नहीं है।
- वह BKTC का एक नियमित (Regular) सरकारी कर्मचारी है, जो पूर्व में भी तीन अलग-अलग अध्यक्षों के साथ काम कर चुका है।
कैसे होगी मामले की जांच?
BKTC के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ के मुताबिक, जांच पूरी तरह पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित होगी। जांच के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- CCTV फुटेज की जांच: जिस रूम में दान राशि और चढ़ावे की गिनती होती है, वहां 5 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शुक्रवार को शुरुआती फुटेज चेक की गई है, हालांकि अभी कुछ भी ठोस हाथ नहीं लगा है। सभी कैमरों के पिछले रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है।
- बयानों का मिलान: दान की गिनती में शामिल रहे सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
- नियमों के तहत एक्शन: यदि जांच में कोई भी गड़बड़ी या विसंगति पाई जाती है, तो बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम-1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर समिति ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि जब तक आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक सोशल मीडिया पर किसी भी अधूरी या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।