हाइलाइट्स:
- मात्र 4 दिनों में: पौड़ी पुलिस ने 120 सीसीटीवी कैमरे खंगालकर गिरोह को दबोचा।
- शातिर मोडस ऑपरेंडी: पहले चोरी करते थे बाइक, फिर उसी से रेकी कर बंद घरों को बनाते थे निशाना।
- बरामदगी: आरोपियों के पास से ₹13,600 की नगदी, दो चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल और स्विफ्ट कार बरामद।
- इनाम: पुलिस टीम की सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने ₹5,000 के नकद पुरस्कार का किया ऐलान।
कोटद्वार (उत्तराखंड)।
कोटद्वार में बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पौड़ी पुलिस ने सफलतापूर्वक भंडाफोड़ कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पौड़ी, सर्वेश पंवार के कुशल निर्देशन में गठित पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चार दिनों के भीतर इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
पैतृक गांव गया था परिवार, पीछे से साफ कर दिया हाथ
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब आगामी 2 जुलाई 2026 को कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जून के महीने में जब वे अपने परिवार के साथ पैतृक गांव गए हुए थे, तब अज्ञात चोरों ने उनके बंद घर का ताला तोड़कर नगदी और सोने-चांदी के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।
120 सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से दबोचे गए आरोपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सर्वेश पंवार ने तुरंत विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इलाके के लगभग 120 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इसके साथ ही सर्विलांस, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
ठोस सबूतों और सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने 6 जुलाई को गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- मोहित (निवासी: गाजियाबाद)
- कासिफ उर्फ नन्हे (निवासी: बरेली/दिल्ली)
- आमिर (निवासी: बरेली/दिल्ली)
- आसिफ उर्फ अमन (निवासी: बरेली/दिल्ली)
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने कोटद्वार में चोरी की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि चोरी किए गए आभूषणों को उन्होंने बेहद कम दाम में मात्र 15 हजार रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 13,600 रुपये नगद बरामद कर लिए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे:
- रेकी के लिए बाइक चोरी: आरोपियों ने वारदात से पहले उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिससे वे कॉलोनियों में घूमकर बंद मकानों की पहचान (रेकी) करते थे।
- वाहन बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से देहरादून से चोरी की गई दो अपाचे मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की है।
- चकमा देने का तरीका: गिरोह पहले कार से शहर में आता था, फिर स्थानीय स्तर पर बाइक चोरी कर वारदात करता था। चोरी के बाद माल ठिकाने लगाकर वे तुरंत दूसरे वाहनों से फरार हो जाते थे ताकि पुलिस को उनके आने-जाने का कोई सुराग न मिल सके।
मुख्य आरोपी अभी भी फरार, दर्जनों मुकदमे हैं दर्ज
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का एक मुख्य साथी मोहम्मद आरिफ (निवासी: दिल्ली) अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है। इन पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के दर्जनों संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट और त्वरित कार्य की सराहना करते हुए एसएसपी सर्वेश पंवार ने टीम को 5 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।