हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने उतरे चंडीगढ़ के चार नाबालिग कांवड़ यात्री गहरे पानी में डूब गए। डूबे हुए सभी किशोरों की उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से लगभग 17 कांवड़ यात्रियों का एक दल गंगाजल लेने हरिद्वार आया हुआ था। जल लेकर वापस लौटने से पहले सभी श्रद्धालु ज्वालापुर स्थित जटवाड़ा पुल के समीप गंगनहर में स्नान करने लगे। स्नान के दौरान चार किशोर अचानक गंगनहर में बने एक गहरे गड्ढे की ओर चले गए और पानी के तेज खिंचाव तथा गहराई के कारण संभल नहीं पाए।
सिल्ट बढ़ने से बंद था नहर का प्रवाह
बताया जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश की वजह से गंगनहर में सिल्ट (गाद) की मात्रा अत्यधिक बढ़ गई थी। इसके चलते प्रशासन ने नहर का मुख्य प्रवाह तो बंद कर दिया था, लेकिन नहर के तल में जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में जलभराव बना हुआ था। चारों किशोर अनजाने में ऐसे ही एक जानलेवा गड्ढे की चपेट में आ गए।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। गोताखोरों की मदद से डूबे किशोरों की तलाश की जा रही है।
प्रशासन की अपील:
घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने हरिद्वार आने वाले सभी श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से विशेष अपील की है। प्रशासन ने साफ किया है कि बंद, गहरे या प्रतिबंधित जलधाराओं में स्नान करने का जोखिम न उठाएं और सुरक्षा के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।