कीर्तिनगर में उक्रांद ने फूंका 2027 का चुनावी बिगुल: ढूंढप्रयाग में ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन, निकाली विशाल रैली
जनजागरण रैली के दौरान 50 से अधिक लोगों ने ली उक्रांद की सदस्यता; गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का दोहराया संकल्प।
कीर्तिनगर: उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। सोमवार को कीर्तिनगर क्षेत्र के ढूंढप्रयाग में उक्रांद के नए ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इसके बाद कीर्तिनगर मुख्य बाजार तक कार्यकर्ताओं द्वारा विशाल जनजागरण रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
प्रमुख बिंदु:
- ब्लॉक कार्यालय का शुभारंभ: ढूंढप्रयाग स्थित प्रस्तावित ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन उक्रांद के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय और केंद्रीय संरक्षक (देवप्रयाग से संभावित प्रत्याशी) पूरण सिंह कठैत ने संयुक्त रूप से किया।
- विशाल जनसभा व सदस्यता: रैली के बाद आयोजित जनसभा में उक्रांद की नीतियों से प्रभावित होकर 50 से अधिक लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
- गैरसैंण राजधानी का नारा: कार्यकर्ताओं ने हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग से कीर्तिनगर बाजार तक पैदल मार्च किया और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के नारे लगाए।
जल, जंगल और जमीन उक्रांद की प्राथमिकता: पूरण सिंह कठैत
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय संरक्षक पूरण सिंह कठैत ने कहा कि उक्रांद जल, जंगल और जमीन के मूल मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में सरकार बनने पर गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करना पार्टी की पहली प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार देने, पलायन रोकने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय दलों के विकल्प के रूप में उभर रहा क्षेत्रीय दल
केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा और कांग्रेस से तंग आ चुकी है और अब राष्ट्रीय दलों के विकल्प के रूप में क्षेत्रीय दल (उक्रांद) की ओर देख रही है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं का पार्टी से जुड़ना बदलाव का संदेश है। उक्रांद नेता दिनेश चंद्र ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर ही पर्वतीय समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
इस अवसर पर मंगल सिंह नेगी, सतेंद्र भट्ट, रघुवीर पंवार, सते सिंह पुंडीर, केशव रावत, अरुण नेगी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।