देहरादून |
देवभूमि उत्तराखंड में संवैधानिक परंपराओं और गरिमा के एक नए अध्याय का सूत्रपात हुआ है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व सांसद और आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आधिकारिक तौर पर उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कर ली है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने राजभवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में डॉ. बिसेन को नए राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रदेश के राजनीतिक हलकों, प्रशासनिक महकमे और आम जनता में हर्ष का माहौल है।
लंबा राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर चार दशकों से अधिक का रहा है। मूल रूप से मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के रहने वाले डॉ. बिसेन अपने चार-टर्म के लंबे विधायक कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (वन, परिवहन, स्कूल शिक्षा, खनिज और जेल विभाग) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और वर्ष 2019 से 2024 तक बालाघाट से लोकसभा सांसद के रूप में देश की संसद में अपनी सेवाएं दीं।
एक चिकित्सक और कृषि पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले डॉ. बिसेन के पास जमीनी स्तर की राजनीति और प्रशासनिक अमले का गहरा अनुभव है।
देवभूमि को मिलेगा कुशल मार्गदर्शन: राजनीतिक गलियारों में चर्चा
डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट जनों ने गहरी उम्मीद जताई है कि उनके इस दीर्घकालिक राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव का सीधा लाभ उत्तराखंड राज्य को मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक मार्गदर्शक के रूप में उनकी कार्यशैली और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति अटूट निष्ठा प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करेगी। सीमांत क्षेत्रों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय में राजभवन की भूमिका को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।
समारोह में उपस्थिति
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उत्तराखंड शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके सफल एवं प्रेरणादायक कार्यकाल की कामना की।