चमोली
उत्तराखंड के चमोली जिले के सीमांत क्षेत्र से एक बार फिर खेल जगत में गर्व करने वाली खबर सामने आई है। देवाल विकासखंड के वाण गांव की प्रतिभावान धाविका भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली हाफ मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम किया है। भागीरथी की इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड और उनके पैतृक जिले चमोली में जश्न का माहौल है।
21 किलोमीटर की दूरी मात्र 1 घंटे 15 मिनट में तय की
प्रतिस्पर्धा के दौरान भागीरथी ने अपनी असाधारण गति और सहनशक्ति का परिचय देते हुए 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन को मात्र 1 घंटे 15 मिनट में पूरा कर तीसरा स्थान हासिल किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अंकिता ने पहला और सोनिया ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
लगातार बना रही हैं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
लंबी दूरी की दौड़ (Long Distance Running) में भागीरथी लगातार नए मुकाम हासिल कर रही हैं:
- फरवरी 2026: नई दिल्ली मैराथन में महिला वर्ग में दूसरा स्थान।
- अगस्त 2026: हैदराबाद मैराथन की 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन को 2 घंटे 51 मिनट 41 सेकंड में पूरा कर भारतीय महिला धावकों में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
केन्या में ट्रेनिंग और कड़ा अभ्यास
अपनी खेल क्षमता को और धार देने के लिए भागीरथी वर्तमान में पौड़ी जिले के रांसी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक एवं कोच सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में कठिन अभ्यास कर रही हैं। इसी वर्ष उत्तराखंड स्टूडेंट्स फेडरेशन के सहयोग से उन्हें दो महीने के विशेष प्रशिक्षण के लिए केन्या भी भेजा गया था, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और बारीकियों को सीखा।
ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना
सीमांत गांव की साधारण परिस्थितियों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहीं भागीरथी का मुख्य लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। उनकी यह सफलता पहाड़ की उन तमाम बेटियों के लिए एक मजबूत प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बड़े सपनों को सच करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं।