श्रीनगर (गढ़वाल)। राजकीय मेडिकल कॉलेज गढ़वाल में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से स्किल बर्थ अटेंडेंट (SBA) प्रशिक्षण कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जनपद से आई चार नर्सिंग अधिकारियों ने 21 दिवसीय प्रथम बैच का प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
समापन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सयाना ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशन में मेडिकल कॉलेज उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर प्रभावी तरीके से संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि SBA प्रशिक्षण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मजबूत निवेश है, जिससे प्रसव प्रबंधन, जोखिम आकलन, जटिल परिस्थितियों से निपटने और सुरक्षित मातृत्व सेवाएं प्रदान करने की क्षमता बढ़ती है।
डॉ. सयाना ने यह भी कहा कि—
“जब基层 स्तर पर स्वास्थ्यकर्मी दक्ष होते हैं, तभी मातृ और नवजात मृत्यु दर में वास्तविक कमी लाई जा सकती है। हमारा लक्ष्य है कि गढ़वाल मंडल की हर गर्भवती महिला को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक प्रसव सेवाएं मिलें।”
विशेषज्ञों की टीम ने दिया बहुआयामी प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने नर्सिंग अधिकारियों को उन्नत कौशल प्रदान किए—
डॉ. नवज्योति बोरा एवं डॉ. नेहा (प्रसूति एवं स्त्री रोग): जटिल प्रसव स्थितियाँ, ANC/PNC प्रबंधन
डॉ. सी.एम. शर्मा एवं डॉ. अंकिता गिरी (पीडियाट्रिक्स): नवजात पुनर्जीवन, शिशु देखभाल
डॉ. विनीता रावत (माइक्रोबायोलॉजी): संक्रमण नियंत्रण, स्टेरिलाइजेशन मानक
डॉ. सुरेंद्र सिंह (कम्युनिटी मेडिसिन): मातृ-शिशु स्वास्थ्य रणनीति एवं सामुदायिक प्रोटोकॉल
इन सभी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नर्सिंग अधिकारियों को ऐसे कौशल विकसित कराए गए, जो भविष्य में गढ़वाल के दुर्गम क्षेत्रों तक सुरक्षित मातृत्व सेवाएं पहुँचाने में अत्यधिक महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी
रुद्रप्रयाग की नर्सिंग अधिकारी शालिनी, किरण, पूजा और पूनम चौहान ने यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मेडिकल कॉलेज गढ़वाल द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में यह कदम अत्यंत सराहनीय माना जा रहा है।