संगणना से जल संसाधनों की वास्तविक स्थिति आएगी सामने: प्रभारी जिलाधिकारी
पौड़ी | 26 दिसंबर 2025
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में लघु सिंचाई विभाग द्वारा सातवीं लघु सिंचाई संगणना, द्वितीय जल निकाय संगणना, प्रथम वृहद एवं मध्यम सिंचाई संगणना तथा प्रथम स्प्रिंग संगणना के संबंध में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य जिले में उपलब्ध लघु, मध्यम एवं वृहद सिंचाई संरचनाओं, विभिन्न जल निकायों तथा प्राकृतिक जलस्रोतों (स्प्रिंग्स) से संबंधित सटीक, अद्यतन एवं विश्वसनीय आंकड़ों का संकलन करना है।
इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि संगणना कार्य शासन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे जिले में उपलब्ध जल संसाधनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सकेगा।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संगणना कार्य को समन्वय, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्प्रिंग संगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सूखते जलस्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि सातवीं लघु सिंचाई संगणना कृषि क्षेत्र में जल उपयोग, सिंचाई क्षमता, जल उपलब्धता और भविष्य की संसाधन प्रबंधन योजनाओं के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मियों को भौतिक सत्यापन के आधार पर शुद्ध एवं अद्यतन डेटा संकलित करने के निर्देश दिए। वन क्षेत्रों में सर्वेक्षण के दौरान वन्यजीवों के खतरे को देखते हुए उन्होंने वन विभाग के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर एवं अपर सहायक अभियंता, लघु सिंचाई संगणना देहरादून राहुल कुमार शर्मा ने डेटा संकलन की पद्धति, जल निकायों के वर्गीकरण, जल स्रोतों की पहचान तथा फील्ड सर्वे की गुणवत्ता बनाए रखने से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भौगोलिक लोकेशन अंकन, ऑनलाइन पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा प्रविष्टि की प्रक्रिया भी समझाई।
उन्होंने बताया कि संगणना का फील्ड कार्य देव ऋषि एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा संपादित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने लघु सिंचाई संगणना ऐप की जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐप भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जिससे भूजल, सतही जल स्रोतों एवं जल निकायों से संबंधित डेटा डिजिटल रूप में संकलित किया जा सकेगा।
कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई संजय भास्कर, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता जल निगम नवनीत कटारिया, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कोटद्वार अभिषेक वर्मा, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त, अधिशासी अभियंता सिंचाई श्रीनगर संजय शर्मा, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, सहायक अभियंता अनिल कुमार, कनिष्ठ अभियंता भूपेंद्र सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।