नगर निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस से दूरी बनाए रखने वाले, या कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल से सार्वजनिक तौर पर नज़रें चुराते दिखे कई नेता और कार्यकर्ता शनिवार को एक बार फिर कांग्रेस के मंच पर नज़र आए। अंकिता भंडारी न्याय यात्रा के तहत श्रीनगर में आयोजित रैली में ये सभी नेता गोदियाल के पीछे मंच पर खड़े दिखाई दिए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इस घटनाक्रम को श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगम चुनाव के समय जिन चेहरों ने पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाई थी, उनकी इस तरह की सार्वजनिक मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कांग्रेस के भीतर फिर से एकजुटता की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गणेश गोदियाल की बढ़ती सक्रियता और अंकिता भंडारी न्याय यात्रा के माध्यम से किया गया यह शक्ति प्रदर्शन, आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। साथ ही, लंबे समय से निष्क्रिय या असंतुष्ट माने जा रहे नेताओं की वापसी से संगठन को नई ऊर्जा और धार मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि यह एकजुटता क्या केवल मंच और आयोजनों तक सीमित रहेगी, या फिर वास्तव में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति की दिशा और दशा बदलने में सफल साबित होगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियां और स्थानीय नेताओं की भूमिका इस पर तस्वीर और साफ कर सकती हैं।