अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (4 अक्टूबर 2025) को घोषणा की कि इजरायल और हमास के बीच गाजा के लिए वापसी रेखा पर सहमति बन गई है. ट्रंप ने कहा कि यह योजना हमास के साथ साझा की गई है और जैसे ही हमास इसकी पुष्टि करेगा, युद्धविराम तुरंत लागू हो जाएगा. उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह 3,000 साल पुरानी तबाही के अंत की ओर एक कदम है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमत हो गया है और प्रस्ताव हमास को भेज दिया गया है. जैसे ही हमास इस पर सहमति देगा, युद्धविराम लागू हो जाएगा, बंधकों की अदला-बदली शुरू होगी और इजरायल की वापसी का अगला चरण तय होगा.
उन्होंने लोगों से कहा कि यह दुनिया के लिए एक बड़ा क्षण है और सभी को जुड़े रहना चाहिए.इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उम्मीद जताई है कि गाजा में बंद सभी बंधकों की रिहाई आने वाले कुछ दिनों में संभव हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अप्रत्यक्ष वार्ता मिस्र में जारी है और इस्राइल का एक शिष्टमंडल तकनीकी बिंदुओं को अंतिम रूप देने के लिए वहां भेजा गया है। यह बातचीत अमेरिकी शांति योजना के तहत हो रही है, जिसका लक्ष्य गाजा युद्ध को समाप्त करना और सभी बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। नेतन्याहू ने कहा हम चाहते हैं कि इन वार्ताओं को कुछ ही दिनों में निपटाया जाए।हमास ने अमेरिकी योजना के कुछ बिंदुओं पर सहमति जताई है। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वागत करते हुए कहा कि हमास को तेजी से कदम उठाने होंगे, वरना सभी विकल्प खत्म हो जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस्राइल ने अस्थायी तौर पर बमबारी रोक दी है।शुक्रवार को नेतन्याहू के दफ्तर ने कहा कि इस्राइल उस जंग को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले से शुरू हुई थी। एक अधिकारी ने बताया कि नेतन्याहू ने दुर्लभ रूप से सब्बाथ के दिन देर रात बयान जारी किया और कहा कि अमेरिका के दबाव के चलते इस्राइल ने ट्रंप की योजना पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि एक वार्ता टीम तैयार हो रही है।
मिस्र के सरकारी प्रसारक अल-काहेरा न्यूज ने बताया कि रविवार से हमास और इस्राइल के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होगी। एक वरिष्ठ मिस्री अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व करने के लिए मिस्र पहुंचेंगे। यह बातचीत इस्राइली बंधकों की रिहाई के बदले इस्राइली जेलों में बंद फिलिस्तीनियों की अदला-बदली पर केंद्रित होगी। अधिकारी के अनुसार, वार्ता में उन नक्शों पर भी चर्चा होगी जिनमें गाजा के कुछ इलाकों से इस्राइली सेना की वापसी दिखाई गई है। उन्होंने बताया कि अरब मध्यस्थ भी फिलिस्तीनी गुटों के बीच व्यापक संवाद की तैयारी कर रहे हैं, ताकि गाजा के भविष्य को लेकर एक साझा राय बन सके।फिलहाल, ट्रंप की योजना के तहत हमास तीन दिनों में 48 बचे हुए बंधकों को छोड़ देगा, जिनमें से करीब 20 जिंदा माने जाते हैं। इसके अलावा, हमास को सत्ता छोड़नी होगी और हथियार डालने होंगे। बदले में इस्राइल अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा, कई क्षेत्रों से पीछे हटेगा, सैकड़ों कैदियों को रिहा करेगा और मानवीय मदद तथा पुनर्निर्माण की अनुमति देगा।
हालांकि, हमास ने हथियार डालने पर कोई स्पष्ट बात नहीं की है और कुछ मुद्दों पर फलस्तीन के बीच आगे सलाह-मशविरा जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास की इस ‘हां, लेकिन,’ वाली नीति पुरानी मांगों को नरम भाषा में पेश करने जैसी है और असल में हालात में ज्यादा बदलाव नहीं आया है