चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई है। नारायणबगड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन डिमरी की मलबे में दबने से मौत हो गई। वह अस्पताल की एक क्षतिग्रस्त दीवार का निरीक्षण करने गए थे, जो अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई।
निरीक्षण के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अस्पताल की दीवार को काफी नुकसान पहुंचा था। शनिवार को लगातार हो रही बारिश के बीच अस्पताल प्रभारी डॉ. नवीन डिमरी इसी क्षतिग्रस्त दीवार की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अचानक दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह गई और डॉ. डिमरी उसके मलबे के नीचे गंभीर रूप से दब गए।
हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
हादसा होते ही अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद डॉ. डिमरी को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार देने के बाद उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेजा गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन बदकिस्मत से रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पहले की बारिश से खोखली हो चुकी थी नींव
अस्पताल के अन्य डॉक्टरों और स्टाफ ने बताया कि बीते 25 जून को इलाके में भारी बारिश और भूस्खलन हुआ था। उस दौरान मलबे और पानी के तेज बहाव के कारण अस्पताल की इस दीवार के नीचे भारी कटाव हो गया था, जिससे दीवार अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी थी। शनिवार की लगातार बारिश में यह दीवार पूरी तरह जवाब दे गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर
मूल निवासी: डॉ. नवीन डिमरी मुख्य रूप से चमोली जिले के ही देवलधार, गोपेश्वर के रहने वाले थे।
उनकी इस आकस्मिक और दर्दनाक मृत्यु की खबर मिलते ही पूरे स्वास्थ्य विभाग, उनके पैतृक गांव और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। एक कर्तव्यनिष्ठ डॉक्टर को इस तरह खोने से स्थानीय लोगों और उनके सहकर्मियों में गहरा दुख है।