डोईवाला (उत्तराखंड): कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डोईवाला में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से लौटते समय एक बड़ा सियासी और सामाजिक संदेश दिया। राहुल गांधी ने एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग के ‘सात मोड़’ पर पिछले 11 दिनों से पेड़ों की कटाई के विरोध में धरने पर बैठे पर्यावरण प्रेमियों से अचानक मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
आंदोलनकारियों ने लगाया प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप
धरना स्थल पर मौजूद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय आंदोलनकारियों ने राहुल गांधी को अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर बेतरतीब तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है, जो उत्तराखंड के संवेदनशील ईको-सिस्टम के लिए घातक है।
आंदोलनकारियों ने राहुल गांधी के सामने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने के बावजूद पुलिस-प्रशासन द्वारा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है और आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
’मुद्दे को लोकसभा में उठाऊंगा’— राहुल गांधी का आश्वासन
राहुल गांधी ने बेहद ध्यान से पर्यावरण प्रेमियों की पूरी बात सुनी और उनके इस कदम की सराहना की। आंदोलनकारियों को ढाढस बंधाते हुए राहुल गांधी ने भरोसा दिया कि वह इस गंभीर मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा:
“जल, जंगल और जमीन की रक्षा की यह लड़ाई सिर्फ आपकी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। इस संघर्ष में कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है।”
गणेश गोदियाल को दिए समन्वय के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए राहुल गांधी ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने आंदोलनकारियों से कहा कि वह उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को निर्देश देंगे कि वे लगातार आंदोलनकारियों के संपर्क में रहें और उन्हें जमीनी स्तर पर हरसंभव कानूनी और नैतिक सहयोग प्रदान करें।
राहुल गांधी के इस औचक दौरे और समर्थन से पिछले 11 दिनों से डटे पर्यावरण प्रेमियों में नया जोश देखने को मिल रहा है। इस दखल के बाद अब उत्तराखंड में पर्यावरण बनाम विकास की यह बहस और तेज होने की उम्मीद है।