रुद्रप्रयाग।
केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक मर्यादा को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने शनिवार को एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत धाम में रह रहे साधुओं के दस्तावेजों की सघन चेकिंग की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले 15 साधुओं के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई की गई है।
पहचान पत्र न होने पर गौरीकुंड खदेड़ा
यात्रा मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की विशेष मौजूदगी में पुलिस चौकी केदारनाथ की टीम ने धाम के विभिन्न क्षेत्रों में डेरा जमाए साधुओं के पुलिस सत्यापन और पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की। इस औचक निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। जांच में कुछ लोग बिना पुलिस सत्यापन के रहते पाए गए, जबकि कुछ साधुओं के पास वैध पहचान पत्र भी उपलब्ध नहीं थे।
सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने पर पुलिस ने ‘पुलिस एक्ट’ के तहत कुल 15 लोगों का चालान काटा। वहीं, जिन लोगों के पास मौके पर कोई भी वैध आईडी प्रूफ नहीं मिला, उन्हें तत्काल प्रभाव से केदारनाथ धाम से निष्कासित कर नीचे गौरीकुंड भेज दिया गया।
नियमित जारी रहेगा अभियान: प्रशासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ रुख अपनाते हुए कहा है कि बाबा केदार की पावन भूमि की सुरक्षा और मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। केदारनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इस तरह के चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। बिना उचित सत्यापन के धाम में रुकने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।