श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड)। ‘गढ़वाल की धरती से मुंबई की मायानगरी तक’—यह सफर आसान नहीं होता, लेकिन जब इरादे मजबूत हों तो पहाड़ का हुनर राष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेर ही देता है। श्रीनगर गढ़वाल के पास स्थित खोला गांव के रहने वाले युवा अभिनेता मोहित घिल्डियाल ने अपनी कड़ी मेहनत, प्रतिभा और बेहतरीन अभिनय के दम पर आज मुंबई में उत्तराखंड का परचम लहराया है।
एक छोटे से गांव से निकलकर नेशनल अवॉर्ड विनिंग प्रोजेक्ट्स तक पहुंचने वाले मोहित की यह सफलता आज उत्तराखंड के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
इंजीनियरिंग छोड़ चुना अभिनय का जुनून
मोहित घिल्डियाल का जन्म राजकीय इंटर कॉलेज सुमाड़ी से सेवानिवृत्त शिक्षक श्री पी. बी. घिल्डियाल एवं श्रीमती राजी देवी घिल्डियाल के परिवार में हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में भी मोहित अव्वल रहे—उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में डिप्लोमा और ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, कोलकाता’ से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
इंजीनियरिंग का सुरक्षित करियर सामने होने के बावजूद, मोहित के दिल में बचपन से ही अभिनय और संगीत की लौ जल रही थी। अपने इसी जुनून को मंजिल बनाने के लिए उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया के बजाय अभिनय के कठिन रास्ते को चुना।
मुंबई में संघर्ष और सफलता का सफर
मायानगरी मुंबई पहुंचने के बाद मोहित ने निरंतर प्रयास और संघर्ष जारी रखा। आज वे कई बड़े बॉलीवुड और टेलीविज़न प्रोजेक्ट्स का मुख्य चेहरा बन चुके हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
- बॉलीवुड फिल्में: ‘गिन्नी वेड्स सनी-2’ और ‘दैत्य’ जैसी फिल्में।
- टेलीविज़न: लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में दमदार अभिनय।
- अन्य प्रोजेक्ट्स: कई प्रसिद्ध क्षेत्रीय फिल्में और राष्ट्रीय स्तर की विज्ञापन फिल्में।
’ढोली’ फिल्म से मिली राष्ट्रीय पहचान
मोहित घिल्डियाल के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ बनी। इस फिल्म ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) जीतकर इतिहास रचा।
”फिल्म ‘ढोली’ में मोहित ने मुख्य अभिनेता (Lead Role) के रूप में एक बेहद जीवंत और प्रभावशाली भूमिका निभाई, जिसकी सराहना दर्शकों के साथ-साथ दिग्गज समीक्षकों ने भी की। इस फिल्म की ऐतिहासिक सफलता ने न केवल उत्तराखंडी क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई पहचान दी, बल्कि मोहित को भी एक परिपक्व और प्रतिभाशाली अभिनेता के रूप में स्थापित किया।”
पूरे प्रदेश में खुशी की लहर
मोहित की इस उपलब्धि से न केवल श्रीनगर गढ़वाल, बल्कि पूरे उत्तराखंड में गर्व और खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों और गणमान्य लोगों ने मोहित को उनके उज्ज्वल भविष्य और आने वाले नए प्रोजेक्ट्स के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।
मोहित का यह सफर यह साबित करता है कि यदि विजन स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता हो, तो पहाड़ का युवा किसी भी मंच पर अपनी छाप छोड़ सकता है।