- घटना स्थल: मायापुर-पीपलकोटी (चमोली) स्थित THDC की निर्माणाधीन टनल
- मुख्य बिंदु: 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद चला SDRF और NDRF का संयुक्त अभियान
- अपडेट: मंगलवार को 2 और शव मिलने के साथ ही तीनों लापता श्रमिकों के शव बरामद
- अगली कार्रवाई: शवों को आवश्यक प्रक्रिया के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया
चमोली (उत्तराखंड)। चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी स्थित THDC की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद चल रहा राहत एवं बचाव अभियान मंगलवार को पूरा हो गया। SDRF और NDRF की संयुक्त टीमों ने सुरंग से दो और शव बरामद कर लिए हैं, जबकि एक लापता श्रमिक का शव पहले ही निकाला जा चुका था। इसके साथ ही हादसे के बाद से लापता चल रहे तीनों श्रमिकों के शव टनल से बाहर निकाल लिए गए हैं।
मलबे और पानी के बीच चला चुनौतीपूर्ण अभियान
हादसे के दिन से ही टनल के भीतर भारी पानी और मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद संयुक्त टीमों ने अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों और आवश्यक उपकरणों की मदद से टनल के भीतर संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान जारी रखा और अंततः सफलता हासिल की।
”टनल में लापता तीनों व्यक्तियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। बरामद शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई और चिकित्सकीय परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचा दिया गया है।”
— कर्ण सिंह, SDRF टीम प्रभारी निरीक्षक
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
तीनों लापता श्रमिकों के शव बरामद होने के बाद इस सर्च ऑपरेशन को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है। हालांकि, इस हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माणाधीन सुरंगों के भीतर श्रमिकों की सुरक्षा, आपातकालीन निकास और बचाव व्यवस्थाओं के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।